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Saturday, May 28, 2022

लिवर सिरोसिस का आयुर्वेदिक इलाज: एक्सपर्ट से जानें 5 जड़ी-बूटियां, जो लिवर सिरोसिस की समस्या में हैं फायदेमंद

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लिवर सिरोसिस का आयुर्वेदिक इलाज: एक्सपर्ट से जानें 5 जड़ी-बूटियां, जो लिवर सिरोसिस की समस्या में हैं फायदेमंद

खराब दिनचर्या, अस्वस्थ खानपान और तनाव कई तरह की सामान्य से लेकर गंभीर बीमारियां पैदा करता है। इन्हीं में से एक है लिवर सिरोसिस। लिवर सिरोसिस लिवर से जुड़ी एक बीमारी है। इसमें लिवर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। लिवर सिरोसिस को क्रॉनिक लिवर डिजीज भी कहा जाता है। इस स्थिति में लिवर सही तरीके से कार्य करने में सक्षम नहीं होता है। दरअसल, जब लिवर में हेल्दी सेल्स नष्ट होने लगते हैं, इस स्थिति में लिवर पूरी तरह से खराब हो जाता है, तो इसे लिवर सिरोसिस कहा जाता है। राम हंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा (Shrey Sharma, Ayurvedacharya of Ram Hans Charitable Hospital, Sirsa) से जानें लिवर सिरोसिस का आयुर्वेदिक इलाज-

लिवर सिरोसिस के लक्षण (liver cirrhosis symptoms)

भूख न लगना, कमजोरी, नींद न आना, थकान, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना लिवर सिरोसिस के लक्षण होते हैं। इसके अलावा लगातार वजन कम होना, त्वचा और आंखों पर पीलापन दिखना, उल्टी होना और बेहोशी जैसे लक्षण भी लिवर सिरोसिस के दौरान दिख सकते हैं।

लिवर सिरोसिस के कारण (liver cirrhosis cause)

  • शराब का अत्यधिक सेवन
  • हेपेटाइटिस बी
  • हेपेटाइटिस सी
  • जंक फूड खाना

लिवर सिरोसिस का आयुर्वेदिक इलाज (ayurvedic treatment for liver cirrhosis)

आयुर्वेद में भी लिवर सिरोसिस का इलाज मौजूद हैं। आप चाहें तो कुछ जड़ी-बूटियों के माध्यम से लिवर सिरोसिस का इलाज कर सकते हैं। जानें लिवर सिरोसिस का आयुर्वेदिक उपचार (liver cirrhosis treatment)-

amla for liver

1. आंवला

लिवर सिरोसिस में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में इम्यूनिटी बढ़ाना जरूरी होता है। इसके लिए आप आंवले का सेवन कर सकते हैं। आंवले में विटामिन सी, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और कैरोटीन होता है। साथ ही आंवला कैल्शियम, फॉस्फोरस और आयरन का भी अच्छा सोर्स है। लिवर सिरोसिस में आप डॉक्टर की सलाह पर आंवला के जूस या आंवले का पाउडर का सेवन कर सकते हैं।

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2. विरेचन क्रिया

लिवर सिरोसिस की समस्या कब्ज या जंक फूड खाने के कारण भी हो सकती है। ऐसे में शरीर में अधिक मात्रा में विषाक्त तत्व जमा हो जाते हैं। आयुर्वेद में इन विषाक्त तत्वों को शरीर से बाहर निकालने के लिए विरेचन क्रिया करवाई जाती है। विरेचन क्रिया के तहत मरीज को कुछ जड़ी-बूटियों और औषधियों का सेवन करवाया जाता है। इससे मरीज को दस्त लगता है, जिससे शरीर में मौजूद सभी टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं। इस क्रिया को आयुर्वेदिक एक्सपर्ट अपनी देखरेख में ही करवाते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के इस क्रिया का करने से बचें।

3. मुलेठी

मुलेठी गले के साथ ही पेट से संबंधित समस्याओं को भी दूर करने में सहायक होता है। मुलेठी के सेवन से लिवर से जुड़ी दिक्कते भी दूर हो सकती है। मुलेठी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण और ग्लिसराइजिक एसिड होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेजी से बढ़ाता है। मुलेठी लिवर रोगियों के लिए भी काफी लाभकारी होता है। मुलेठी सेहत के लिए फायदेमंद होता है

pippli for liver

4. पिप्पली

आयुर्वेद में पिप्पली का उपयोग कई समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। पिप्पली लिवर से जुड़ी समस्याओं में भी आराम दिलाता है। पिप्पली में पिपरिन, ग्लूकोसाइड्स और पिपलार्टिन पाया जाता है, जो लिवर को मजबूत बनाता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

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5. सेब का सिरका

आयुर्वेद में सेब के सिरके का उपयोग कई रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। लिवर की समस्याओं में भी सेब का सिरका लाभकारी होता है। एप्पल साइडर विनेगर लिवर के फैट को कम करने में मदद करता है। इससे आपकी इम्यूनिटी भी बढ़ेगी।

लिवर सिरोसिस एक गंभीर बीमारी है, इसलिए कोई भी घरेलू उपाय इसका संपूर्ण इलाज नहीं हो सकता है। लिवर सिरोसिस को ठीक करने के लिए भी डॉक्टर की ही राय लेनी जरूरी होती है। 

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